बाल वैज्ञानिक के भविष्य निर्माण ही नहीं बल्कि विभिन्न समस्याओं से जुड़ी नवीन अनुसंधान का मार्ग भी प्रस्तुत करती है:-अनुराधा कुमारी
(जगदीप कुमार की रिपोर्ट)
खगड़िया(जनप्रसंग) : जिले में पहली बार 28वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया।जिसके तत्वावधान में सेमिनार के माध्यम से जिला स्तरीय शिक्षक दिशा निर्देश सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सतत जीवन हेतु विज्ञान के अंतर्गत पांच उपविषयों पर विशेषज्ञों द्वारा अपने अपने विचार रखे गए।इस आयोजन की अध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ने किया।यादव ने कहा बिना विज्ञान के जीवन संभव नही है।विज्ञान में ही हमलोगों का भविष्य है।इस कार्यक्रम में साइंस फ़ॉर सोसायटी राज्य स्तरीय अध्यक्ष डॉक्टर अरुण ने कहा प्रतिभागियों को जीवन मे विज्ञान एवं सतत जीवन मे विज्ञान के महत्व को जानना चाहिए।तो वहीं एस .के .पी सिन्हा ने कहा विज्ञान एक हमारे जीवन का अंग है।इस कार्यक्रम में डीपीओ ने कहा बाल मन सबसे बड़ा है।वैज्ञानिक तब तैयार होते हैं जब बच्चों में पढ़ाई को ललक होती है।तो ठीक उसी प्रकार हमारा भी भविष्य वैसा ही होगा।इस कार्यक्रम में जिला गुणवत्ता के त्रिभुवन कुमार ने कहा इस तरह के कार्यक्रम से शिक्षक और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ती है।इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन होता रहना चाहिए।इस कार्यक्रम की जिला समन्वयक श्रीमती अनुराधा कुमारी ने कहा बाल विज्ञान कांग्रेस पहली संस्था है।जो बाल वैज्ञानिक के भविष्य निर्माण ही नहीं बल्कि विभिन्न समस्याओं से जुड़ी नवीन अनुसंधान का मार्ग भी प्रस्तुत करती है।

