युवाओं को बेहतर दिशा देने में अग्रसर गायत्री परिवार से जुड़कर जीवन सुदृढ़ बनाये युवा: अरुण जायसवाल
खगड़िया(जनप्रसंग): अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ खगड़िया की बारहवीं वर्षगांठ का भव्य समारोह आयोजित किया गया। जिसमें कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री संजीव कुमार ‘डोम’ डाक्टर अरुण कुमार जायसवाल, डाक्टर विजयेन्द्र कुमार विद्यार्थी एवं अमित कुमार के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात युवा प्रकोष्ठ खगड़िया के विभूति जी ने युगसंगीत के माध्यम से युवा मनों को छूने का प्रयास किया।
मुख्य वक्ता के रूप में आए अरूण कुमार जायसवाल जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि,आज के युवाओं में भावनात्मक रिक्तता आ गई है। आज वो संघर्ष करने के बजाय अपने माता-पिता को दोष देते हैं, उनके अंदर नैतिकता का पतन होता जा रहा है,आज के नौजवानों में भावनाओं की शून्यता के कारण वह एक दूसरे को प्रेम नहीं दे पाते हैं, नकारात्मकता के शिकार इन युवा पीढ़ियों को सफलता की सीढ़ियों पर चढने के लिए उन्होंने आत्मविश्वास के साथ ईश्वर विश्वास को भी अत्यंत आवश्यक बताया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में खगड़िया के महान सामाजिक कार्यकर्ता संजीव “डोम” ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में अपार संभावनाएं हैं लेकिन वो वैचारिक रूप से मजबूत नहीं बन पा रहे हैं, उन्होंने कहा कि कोई भी एक विचार अपने मन में लो और दिन रात उसीके सपने देखना शुरू करो तुम्हारे प्रगति में कभी कोई बाधाएं नहीं आएगी, उन्होंने अपने समाज सेवा के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि जब आप अपने जीवन में कभी भी सामान्य रास्ते से हट कर कुछ भी समाज के लिए करना चाहोगे, तो लोग आपकी खिंचाई करेंगे और अधिक व्यवधान पैदा करेंगे लेकिन हम सबों को इसे प्यार ही समझना चाहिए। प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ खगड़िया के सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज ऐसे ही विचार वाले नौजवानों की समाज में आवश्यकता है जो समाज के बुराईयों को दूर करें।
कार्यक्रम के अंत में प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ खगड़िया के संयोजक अमित कुमार ने कहा कि संजीव जी छुआ-छूत के खिलाफ पूरे प्राणपन से जो जंग लड़ रहे हैं, उनके इस उद्देश्य को पूरा करने में युवा प्रकोष्ठ खगड़िया हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर काम करने को तैयार है।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने में अभिषेक, नीरज, प्रिंस, रूपेश, बिपिन,विनोद ,अमित ,उत्तम, संजीव,किशन,सौरभ एवं अन्य सभी भाईयों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंधक डाक्टर विजयेन्द्र कुमार विद्यार्थी एवं मंजु देवी आदि उपस्थित थीं।







