जाति बंधन को तोड़कर मुखिया बनी शीला देवी ग्राम पंचायत देवरी के लिए बनी मानवता की मिशाल

विकाश की असली मिशाल बनी ग्राम पंचायत राज देवरी की मुखिया श्रीमति शीला देवी

गीता कुमार की कलम से

खगड़िया(जनप्रसंग): त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जाति बंधन को तोड़कर जीत हासिल करने वाली जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज देवरी की मुखिया शीला देवी ने मील का पत्थर साबित हुई है। हर घर, हर गली और मोहल्लों में विकाश की गाड़ी को पहुंचाया।

अविस्मरणीय कार्यों का जनता की रिपोर्ट

अपने पंचवर्षीय कार्यकाल में पूर्व से आवंटित सात सौ बेघर गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत पक्का मकान बनवाकर उन्हें आश्रय दिया तथा नए आवंटन के तहत अब तक आठ सौ ग्यारह निःसहाय,गरीब,बीपीएल व समाज के अंतिम व्यक्ति के परिवारों को पक्का मकान बनवाकर उनका सपना पूरा किया।
वहीं दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहे लोग बच्चे, बूढ़े,महिलाएं को चार सौ पचास परिवारों को राशन कार्ड बनवाकर जीने की राह दिखाई,वहीं परिवार खुशी खुशी जीवन जी रहे है।


पंचम वित्त आयोग,तेरहवीं वित्त आयोग, चौदवी वित्त आयोग से पचहत्तर लाख की लागत से कीचड़मय सड़क को पक्का सड़क बनाकर आमजनता को गांव से सीधे प्रखंड मुख्यालय,थाना,अनुमंडल तक जाने के लिए रास्ता सुलभ कर दिए।
पुनः चौदहवीं वित्त आयोग से करीब अठारह लाख कि लागत से अंधेरे गांव समाज में तीन सौ लाईट लगाकर गांव को चकाचौंध कर दिया।
कन्या विवाह योजना के तहत एक सौ पचास विवाहित लड़कियों को राशि देकर खुशमय जिंदगी दी है।
करीब चार सौ पचास असहाय गरीब बृढो व विधवाओं को बृढ़ जन पेंशन के तहत पेंशन राशि खाते में भेजवाकर सराहनीय कार्य किए हैं। जो आज बुढ़ापे का सहारा है।।
कबीर अंत्योष्टी योजना के तहत हर बीपीएल गरीब परिवारों को मृत्यु उपरांत दाह संस्कार के लिए सहायता राशि मुहैया कर जनता के बीच महत्तवपूर्ण योगदान दी है।


हिन्दू के हर ब्रत त्योहार हो या मुस्लिम का ईद मुहर्रम बकरीद,रोजा का महापर्व हो उनके आयोजन में शामिल होकर ,जाति बंधन को दर किनार कर कंधा से कंधा कदम से कदम मिलाकर चल कर सराहनीय कार्य की है,जनता इनके आगमन पर फूले नहीं समाते है।
विवाह समारोह में हर तबके के समाज से जुड़कर अपने को गौरवान्वित समझती है।
यहां तक कि गरीब लड़की के विवाह में आर्थिक रूप से मदद कर उनके वैवाहिक जीवन में सुखी खुशी ला देती है।उनके कार्यक्रम मे समिल होकर चार चांद लगा देती हैं।


कोराना काल में जी तोड़ मेहनत की है। रात दिन का ख्याल ना कर नंगे पाव ही गली मोहल्ले में स्त्री हो या पुरुष स्कूल आगनवाड़ी, मंदिर ,मस्जिद,सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य केंद्र सभी जगह जाकर कोराना से बचने का उपाय बताते थक नहीं रही थी।और लाउकडौन का पालन करने का सख्त निर्देश दिया करती थी। यहां तक मास्क,साबुन,सैनिटाइजर,ब्लाचिग पाउडर बाटकर जनता के बीच महान कार्य की हैं।

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