पूनम यादव की हार के बाद सोशल मीडिया पर छलका रणवीर और साम्बवीर का दर्द

खगड़िया(जनप्रसंग): खगड़िया जिले में विधानसभा चुनावों के नतीजे के बाद खगड़िया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यहां की चार सीटों में दो महागठबंधन को तो वहीं दो सीटें एनडीए को मिला है। जिसमें अलौली(सु•) सीट से राजद प्रत्याशी रामवृक्ष सदा,बेलदौर से जदयू के पन्नालाल पटेल,परबत्ता से जदयू के डॉ संजीव कुमार और खगड़िया से कांग्रेस के छत्रपति यादव ने चुनाव जीता।
जिसके बाद से खगड़िया की राजनीति में बड़ा हुआ है यहां से छत्रपति यादव ने पूर्व विधायक रणवीर यादव की पत्नी पूनम यादव को चुनाव हरा दिया जिसके बाद सोशल मीडिया में रणवीर यादव और साम्बवीर द्वारा किया गया एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल होने वाला जिसमें रणवीर यादव और साम्बवीर ने लिखा है

अब गरीब असहाय दुर्बल का आंसू कौन पोछेगा

आगे वो लिखते हैं की

आज सुबह होते ही सब कुछ खगड़िया का बदल गया, पूनम देवी यादव आप सबके विधायक नहीं रहे और मेरा परिवार आपका सेवक नहीं रहा। चुकी बिहार विधानसभा चुनाव 2020 का चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो गया, जिसमें आप लोगों ने पूनम देवी यादव एनडीए समर्थित (जदयू) प्रत्याशी को 43,715 मत दिए जिसके कारण लगभग 2,661 मतों से पिछड़ गई। इससे पूर्व माता जी को चार बार और मेरे पिता जी को एक बार विधायक बना कर सेवा करने का आप सबों ने शुअवसर दिया। हम सबों ने दलीय राजनीतिक से ऊपर उठकर सेवा किया। साथ ही सामाजिक जीवन में हर समय आमजनों को ईश्वर के प्रतीक मानकर सबों का सम्मान सहित सेवा किया। उक्त बातें खगड़िया के जाने-माने राजनीतिक के चर्चित हस्ती पूर्व विधायक रणवीर यादव के पुत्र युवा जद यू के प्रदेश उपाध्यक्ष आर्किटेक्ट साम्बवीर यादव ने अपने पिता के हवाले से एक संदेश के रूप में प्रतिक्रिया के रूप में भावना व्यक्त किया। आगे उन्होंने कहा है कि मेरा परिवार दो प्रकार से सेवा किया। एक सरकारी स्तर पर और दूसरा नीजि स्तर पर आमजनों के बीच सुविधा का लाभ आज तक इमानदारी पूर्वक पहुंचाया। इसके लिए सड़क से विधानसभा के सदन तक आवाज उठाया। यह कभी नहीं समझा कि सत्ताधारी दल के विधायक हैं, प्रशासनिक कमियों को उजागर ना करूं। साथ ही सामाजिक सरोकार की समस्या जैसे कभी भी कोई पीड़ित,दुखिया समस्या से ग्रसित लोगों के आने पर स्वयं से भर सक सहयोग करने का काम किया है। श्री यादव ने आगे कहा है कि पूनम देवी यादव विधायक नहीं रहे, इसका मलाल नहीं है। मलाल तो सिर्फ इस बात की है कि अब गरीब कमजोर और असहाय की बात कौन सुनेगा ? अब बीमार, लाचार, ठंड से कांपते बूढ़े- बच्चे, महिलाएं को वस्त्र कौन देगा। अब कौन करेगा गरीब के इलाज का अनुशंसा ऊपर से आने-जाने का खर्च दवाई का पैसा । ऐसे लोगों को अब ईश्वर ही देखेंगे। अब ना ही अधिकारी सुनेगा ना ही जनप्रतिनिधि मिलेगा।एक बार फिर से खगड़िया जाती- पार्टी के पेंच में फंस गया। अंत में उन सभी साथी, राजनीतिक सहयोगी खासकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दल के स्थानीय नेताओं का हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने ईमानदारी से सहयोग और साथ दिया साथ ही रणवीर फैंस एसोसिएशन, राष्ट्रीय युवा संग्राम मोर्चा एंव वीर बंधु के समर्पित सभी साथीगण बधाई के पात्र हैं;जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अदम्य साहस और धैर्य से चुनाव लड़ा। वहीं दलित युवा संग्राम परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि इस चुनाव में राजनीतिक पंडित,सामाजिक समरसता के संरक्षक व समाजवाद के प्रतिभावान योद्धा पूर्व विधायक भाई रणवीर यादव जेल के बाहर हमलोगों के बीच होते तो चुनावी परिणाम पूनम देवी यादव के पक्ष में होते,जो गरीबों नीरिहों-पीड़ितों के हक में बेहतर होता।

Published by ADMIN

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