एचपीपी(डी.)के बिहार प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत की गयी खगड़िया की कंचनमाला यादव

मनोनय के उपरांत बधाईयों का लगा तांता

खगड़िया(जनप्रसंग): हिन्दुस्तान पीपुल्स पार्टी (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह यादव निराला ने खगड़िया सदर अनुमंडल अंतर्गत मानसी प्रखण्ड के ठाठा ग्राम वासी राजकिशोर प्रसाद यादव की पुत्रवधु, सीआईएसएफ के जवान राकेश यादव की धर्मपत्नी व अंतर्राष्ट्रीय हैण्डबॉल खेलाड़ी व सिल्वर मेडलिस्ट स्व0 लम्हें कुमार की माता कंचनमाला कुमारी यादव को हिन्दुस्तान पीपुल्स पार्टी (डेमोक्रेटिक) के बिहार प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया है। श्री निराला ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि कंचन माला कुमारी यादव के नेतृत्व में हमारी पार्टी काफी मजबूत होकर उभरेगी।

वहीं श्रीमती यादव के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किये जाने पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कुमार, उपाध्यक्ष सुलेखा कुमारी शर्मा, जिला सचिव बीरबल कुमार,जिला उपाध्यक्ष फन्टूश ठाकुर,संगठन सचिव निवाश ठाकुर, हीरा भगत,राहुल कुमार,गौरव कुमार राज,अमित कुमार,मनीष कुमार, कमलेश्वरी शर्मा, पिक्कू कुमार यादव सहित दर्जनों पार्टी के कार्यकर्ता ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा उन्हें वधाई एवं शुभकामनाएं दी है ।

नल जल योजना में बरती जा रही अनियमितता पर भड़की पंचायत करे पुकार की टीम

● कहा अगर जल्द सुनवाई नही हुई तो मंत्री डॉ.रामप्रीत पासवान को लिखेंगे खत

खगड़िया(जनप्रसंग): जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत में नल-जल योजना में बरती जा रही अनियमितता के खिलाफ “पंचायत करे पुकार” के सलाहकार मिन्हाज भारती, अध्यक्ष रूपेश क्रांतिकारी और उपाध्यक्ष कॉमरेड प्रशांत ने इसकी शिकायत पीएचईडी कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार से करते हूए उन्होंने कई आरोप लगाये लगाये। उनकी टीम ने कहा की इस योजना में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होनें कहा की संवेदकों के द्वारा विभागीय निर्देश को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण कार्य में प्राक्कलित राशि का बोर्ड नहीं लगाया जाता है। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत काम नहीं होने की वजह से नल में पानी सही प्रेशर से नहीं आता है। गृह संयोजन हेतु और नल संयोजन हेतु पाइप को बिना पीसीसी के छोड़ दिया गया है और पाइप के टूटने का खतरा बना हुआ है। कई जगह तो 40एमएम के पाइप को घर की दीवार से लगा कर बिना पीसीसी के छोड़ दिया गया है। कई जगह तो हद ही हो गई जब संवेदक ने पाइप को जमीन पर ही रखकर ऊपर से पीसीसी कर दिया जबकि पाइप को लगभग 3 फीट फीट जमीन के नीचे होना चाहिए।

पाइपलाइन बिछाने के बाद रोड को गुणवत्ता पूर्वक नहीं बनाया जा रहा है।अभी भी ऐसे कई घर हैं जहां पीने का पानी नहीं पहुंचा।जिसकी वजह से ग्रामीणों में संवेदक के खिलाफ गुस्सा बना हुआ है। संवेदक कभी गांव में नहीं आते और अपने कांट्रेक्टर को मनमाने ढंग से भ्रष्टचार करने के लिए छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा PHED कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार से की और कहा की जेई और संवेदक के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस लगना चाहिए। अगर सरकार कोई कड़ी कारवाई नहीं करती है तो PHED मंत्री डॉक्टर रामप्रीत पासवान के सचिव को फैक्स के जरिए शिकायत किया जाएगा।

मदर्स डे: आखिर क्यूं मनाया जाता है मदर्स डे, जानिए कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

जनप्रसंग(शानू आनंद): माँ के त्याग, सहनशीलता और प्रेम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए दुनियाभर में माँ के लिए दिन मनाया जाता है, जिसे मदर्स डे कहा जाता है।
मदर्स डे हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस साल यह 09 मई को है। हर देश में मदर्स डे को अलग-अलग तरीके से सेलिब्रेट किया जाता है। कहा जाता है कि मां भगवान का दूसरा रूप होती है और इसलिए मां के लिए कोई एक दिन नहीं हो सकता है। लेकिन फिर भी एक दिन देश की हर मां को समर्पित किया गया है ताकि अपने हर काम को भूलकर अपनी मां को स्पेशल महसूस कराया जा सके।

मदर्स डे का महत्व

हम सभी जानते हैं की हमारे जीवन में माँ का कितना महत्व है। परंतु मदर्स डे एक ऐसा दिन होता है जो माँ के साथ- साथ बच्चों के लिये भी अहम होता है। यह दिन माँ के प्रति अपनी भावनाओं को प्रकट करने का एक मौका देती है। दुनियाभर के अधिकतर देशों में लोग इस दिन माँ के प्रति अपने समपर्ण को व्यक्त करता है।

कैसे हुई मदर्स डे की शुरुआत

साल 1908 में पहली बार इस दिन की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। अमेरिका की ऐक्टिविस्ट एना जार्विस ने माँ के सम्मान के लिए एक दिन समर्पित किया था जिसके बाद से लोग मदर्स डे मनाने लगे। इसके अलावा इसाई समुदाय के लोग इस दिन को प्रभु यीशु मसीह की माता वर्जिन मैरी का दिन भी मानते है। इसी दिन यूरोप और ब्रिटेन में मदरिंग संडे भी मनाया जाता है।

भारत में कैसे हुई मदर्स डे की शुरुआत

अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने 9 मई 1914 को एक कानून पारित किया जिसके मुताबिक मई के दुसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में घोषित किया गया था। इसी के बाद भारत सहित दुनिया के कई देशों में मई के दुसरे रविवार को लोग मदर्स डे के रूप में मनाने लगे।

👉 जनप्रसंग न्यूज़ टीम की ओर से विश्व की सभी माताओं को प्रणाम 🙏🙏🙏

खगड़िया की स्वास्थ व्यवस्था पर जमकर बरसे सामाजिक कार्यकर्ता सौरव कुमार

👉 खगड़िया के सांसद और विधायक को खूब सुनाया खरी-खोटी

खगड़िया(जनप्रसंग): खगड़िया जिले की स्वास्थ व्यवस्था की कुव्यवस्था एवं जर्जर हालात पर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता सौरव कुमार ने अपने फेसबुक वाल से खगड़िया के सांसद,विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को खूब खरी खोटी सुनाया उन्होनें अपने फेसबुक पर खगड़िया की लाचार स्वास्थ व्यवस्था एवं इसके इसके कुव्यवस्थित होने के कारनों को दर्शाते हूए यहां की व्यवस्था को जल्द सुदृढ़ करने की मांग की. सौरव कुमार ने अपने फेसबुक वाल पर मंत्री,सांसद एवं विधायकों द्वारा दी गयी राशि का भी जिक्र करते हूए लिखा है की-

“ना दवा-ना इलाज,लाचार है खगड़िया का स्वास्थ विभाग“

इस तस्वीर को लगा कर आगे वो लिखते हैं की-

पिछले वर्ष कोरोना के समय खगड़िया लोकसभा और परबत्ता विधानसभा के हमारे जनप्रतिनिधि- सांसद और विधायक महोदय द्वारा 50-50 लाख का पैकेज देने की जो घोषणा हुई थी उसकी सच्चाई का पता आपको तब चलेगा जब आप अपने किसी परिजन को लेकर अस्तपाल जाएँगे। जब कोरोना का प्रथम वेब चल रहा था तब पुल निर्माण कम्पनी ने अपने सामाजिक दायित्वों के तहत 2 वेंटिलेटर- एक परबत्ता सीएचसी को और दूसरा सदर अस्पताल खगड़िया को डोनेट किया था। जिसका शुभारंभ तत्कालीन जदयू विधायक रामानंद सिंह के पुत्र डॉ संजीव कुमार ने किया था जो वर्तमान में परबत्ता के विधायक हैं। चुनाव के वक्त उनके समर्थक और वे खुद भी जगह-जगह प्रचारित करते नहीं थकते थे कि हमने परबत्ता में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ कर दिया है अब यहाँ के लोगों को वेंटिलेटर जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा अब परबत्ता में ही मिल जाएगा। आमलोग भी यह समझ रहे थे कि हमारे जनप्रतिनिधियों के द्वारा जो राशि जिले में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने के लिए दिया गया है उससे जिलेवासी को जल्द ही लाभ मिलने लगेगा। लेकिन मौजूदा कोविड संकट काल में हकीकत ठीक इसके उलटा दिखाई दे रहा है।

देखें वीडियो: बिहार के इस विधायक को पैखाना भी लगा था और भूख भी लगा था इसीलिए तोड़ दिए बेरिकेटिंग

आपको यकीन नहीं होगा किन्तु सच्चाई यह है कि पिछले साल जिस वेंटिलेटर का शुभारंभ किया गया था उससे अभी तक एक भी लोग लाभान्वित नहीं हो पाए हैं। परबत्ता में एंबुलेंस सुविधा की भी कमी दूर नहीं हो पाई है। करीब 3 लाख की आबादी पर मात्र दो एम्बुलेंस है, जिसमें की एक तो कर्मचारी लोग अपने साथ टीकाकरण में लेकर चले जाते हैं, बचता है सिर्फ एक एम्बुलेंस लोगों की सुविधा के लिए! अब जब बड़ी संख्या में लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं तो एक बार फिर हमारे प्रतिनिधि 50 लाख-25 लाख देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ले रहे हैं। उनके समर्थक नेताओं द्वारा दिए गए धन राशि की चिट्ठी को सोशल मीडिया पर डालकर उनका यशगान करने में जुटे हुए हैं।
आपनी आपबीती को लिखते हूए बताते हैं की-

पिछले 21 अप्रैल को जब मैं अपने एक दोस्त को सदर अस्पताल खगड़िया एडमिट कराने गया, तब पता चला की वहाँ केवल ऑक्सीजन ही है और कुछ नहीं, जरूरी दवाइयों आपको बाहर से ही लाना होता है।कुव्यवस्था का आलम यह है कि शरीर के अंदर के ऑक्सीजन सैचुरेशन मापने वाला ऑक्सिमिटर तक वहाँ नहीं है। जो लोग COVID-19 का टेस्ट कराने आ रहे हैं उन्हें घंटों तेज धूप में खड़ा रहना पड़ रहा है, उनके लिए एक टेंट तक की व्यवस्था नहीं है। कोविड का एंटीजेन किट वाला टेस्ट सदर अस्पताल में होता है तो RTPCR वाला टेस्ट खगड़िया जंक्शन पर दोनों के बीच करीब 3 किलोमीटर का फासला है। वहाँ तक जाने के लिए गाड़ी वाले भी खूब पैसा ऐठ रहे हैं और आपदा में लूट मचा रहे हैं। वहाँ उपस्थित कर्मी से बात करने पर उन्होंने कहा कि आप सिविल सर्जन से बात करिये! सिविल सर्जन को फोन करिये तो फोन लगता ही नहीं है।

तब सवाल उठता है कि आखिर यह करोड़ों रुपये की जो राशि हमारे प्रतिनिधि के द्वारा दिया गया था, जो वास्तव में जनता का ही पैसा है, उसका आखिर हो क्या रहा है? किसके पेट में जा रहा है यह पैसा?

अभी जरूरत था कि हमारे जनप्रतिनिधि इन सरकारी हॉस्पिटल का दौरा कर सच्चाई से अवगत होते; अधिकारी और वहाँ उपस्थित चिकित्सा कर्मी को निर्देश देते तो शायद लोगों को कुछ सहूलियत मिलती। लेकिन हमारे जनप्रतिनिधि हाथ खड़े कर चुके हैं। पिछले साल वाला खेल इस साल भी खेला जा रहा है। अभी हाल के दिनों में चहल-पहल रहने वाले गांव, जहां हर रोज मुखिया, पंचायत समिति व जिला परिषद प्रत्याशियों की गाड़ियां दिखती मिलती थी, तारीख आगे बढ़ने की वजह से उनके भी चक्के बंद पड़े हैं। किसी को भी किसी की मदद करने का मन नहीं है, सब बस भाग रहे हैं, जनता को उनके हाल पर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। यहां के जनप्रतिनिधि चाहे वो जीता हुआ हो या हारा हुआ हो, सब के सब बस अपने-अपने घरों के कोने में दुबके हुए हैं। किसी की मौत उनके नींद को भंग नहीं करती। इन धूर्त और कायरों को कुछ पैसे ने बहादुर बनने का गलत एहसास करा रखा है।
सच्चाई यही है कि इनमें से किसी को आमलोगों की कोई फिक्र नहीं है, हॉस्पिटल के आगे गिड़गिड़ाता शख्स भी आने वाले चुनाव में उनका ही जयजयकार करेगा! यह बात हमारे प्रतिनिधियों को अच्छी तरह से पता है, इसलिए उन्हें इन हाँफते और मरते हुए लोगों की कोई फिक्र नहीं है।

परबत्ता विधायक डॉ संजीव ने कोरोना से बचाव को लेकर 51 लाख की सामग्री खरीदने की अनुशंसा

कोरोना से रोकथाम एवं आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण की खरीदारी को लेकर दिये 51 लाख रुपये

खगड़िया(जनप्रसंग): वर्तमान समय में चल रही कोरोना महामारी ने लोगों के बीच एक भयानक खौफ पैदा कर दिया। जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गये हैं। लोगों में ऑक्सीजन एवं हॉस्पिटल में ऐडमिट होने की हाहाकार मची है। इस तरह की विषम परिस्थिति में जिले के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र के निवर्तमान विधायक डॉ संजीव कुमार ने लोगों की चिंता करते हूए कोरोना वायरस से रोकथाम एवं मानव जाति की रक्षा हेतू अपने विधायक निधि से परबत्ता विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोगरी अनुमंडल अस्पताल में एक वेंटिलेटर एवं प्राथमिक स्वास्थ केंद्र,परबत्ता एवं गोगरी में निबुलाईजर,ऑक्सीजन संकेन्द्रक मशीन,ऑक्सीमीटर,बेड,मास्क एवं सैनीटाईजर आदि आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण तथा अन्य सामग्री के क्रय हेतू 51 लाख रुपये की अनुशंशा योजना पदाधिकारी से की।

मालूम हो की 28 मार्च 2020 को कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पुर्व मंत्री एवं परबत्ता के तात्कालीन विधायक रामानंद सिंह ने मुख्यमंत्री स्थनीय क्षेत्र विकास निधि से कोरोना वायरस से बचाव एवं पीपीई कीट्स,मास्क एवं दवा की खरीददारी को लेकर 50 लाख रुपए की अनुशंसा खगड़िया जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष से की थी।

पुलिस के रवैये से नाराज़ पंचायत करे पुकार के सदस्योंं ने जाहिर की नाराजगी

मामला खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड का

खगड़िया(जनप्रसंग): जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना में गुरुवार को “पंचायत करे पुकार” द्वारा पुलिस एवं प्रशाशन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। दरअसल फतेहपुर में किसी पेड़ काटने की शिकायत को लेकर गोगरी पुलिस संज्ञान के लिए स्थल पर गई हुई थी। वहां पर शिकायतकर्ता के परिवार की एक लड़की घटना की वीडियो बना रही थी। जो पुलिस वाले को नागवार गुजरी और उन्होंने उस लड़की का मोबाइल छीन लिया मोबाइल।के मांगने पर कहा की थाना आओ वहीं बात करेंगे। थाना जाने पर उनकी फरियाद को सुनने के लिए कोई तैयार नहीं था।

उक्त लड़की से बार बार एक ही सवाल पूछा जा रहा था की तुम वीडियो क्यों नहीं बना रही थी। लड़की ने अपना बयान देते हूए कहा की सर वीडियो बनाना हमारा अधिकार है। मैंने तो एसपी साहब,डीएसपी साहब सांसद एवं विधायक महोदय का वीडियो वायरल होते हुए देखा है तो आप का क्यों नहीं कर सकते। लोग वीडियो इसलिए बनाते है की कहीं अधिकारी या नेता पैसे ना मांग लें या कुछ गलत ना बोल दें। क्योंकि अक्सर ऐसा देखने को मिलता है की वो घूस भी मांग लेते हैं और सबूत के अभाव में उनपर करवाई भी नहीं हो पाती है ।अगर अधिकारी या नेता सही काम कर रहे हैं तो उनको वीडियो बनाने से डर कैसा।

पीड़िता ने बताया की पुलिस सर्विस में जाकर देश की सेवा करना चाहती है। और आज उसके साथ ऐसा हुआ।इसी बिगड़ी हुई छवि से आम लोगों के दिल में डर पैदा होता है। इस मामले को लेकर पंचायत करे पुकार के सलाहकार मिन्हाज भारती और अध्यक्ष रूपेश क्रांतिकारी ने इस मुद्दे की शिकायत गोगरी थानाध्यक्ष शरत कुमार से की और कहा की पुलिस का काम जनता के दिल से चोर, डकैत,बदमाश का डर निकलना है नाकि आम आदमी के अंदर पुलिस का डर पैदा करना।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free