दारोगा की परीक्षा पास कर जिले की लड़कियों के लिये रोल मॉडल बनी रूची
जनप्रसंग(शानू आनंद): कहते हैं यदि मंजिल पाने की ज़िद और जुनून हो तो कोई कठिनाईयां हमें हरा नहीं सकती इस पंक्ति को दारोगा में चयनित होकर कन्हैयाचक की रुची ने पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया। दरअसल परबत्ता प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत अंतर्गत कन्हैयाचक की बेटी रूची कुमारी दारोगा पद के लिए चयनित होकर जिले की लड़कियों के लिए एक रोल माॅडल बन चुकी है। मालूम हो की वर्ष 2010 हीं इनके दादा स्व.चंद्रकांत मिश्र का निधन हो गया। जिसके कुछ वर्षों के बाद हीं इनकी दादी एवं इनके पिता स्व.प्रशांत मिश्र का भी निधन हो गया।दादा, दादी और पिता के निधन के बाद चारों तरफ दुःख का पहाड़ जैसा महसूस करने वाली रुची को अपने भाई बहनों के भरण पोषण की चिंता सताने लगी।
बारहवीं की परीक्षा में कॉलेज टॉपर बनने के बावजूद रुची ने परबत्ता के एक प्राईवेट स्कूल में बतौर शिक्षिका पढ़ाने लगी। इस पेशे से अपनी पढ़ाई को अधिक समय नही दे पाने के कारण रुचि ने प्राईवेट स्कूल में पढ़ाना छोड़ अपने घरों पर ही बच्चों को पढ़ाने लगी। तीन भाई बहनों में रुची दुसरे स्थान पर है रुची के साथ-साथ उसकी बड़ी बहन भी बच्चों को पढ़ाकर अपने परिवार का भरण पोषण करने लगी।
स्नातक की परीक्षा देने के बाद तुरंत बाद ही रुची को दारोगा पद के रिक्ती की जानकारी मिली जिसके बाद रूची ने इस पद के लिये फॉर्म अप्लाई कर इस परीक्षा की जानकारी में जुट गयी। रूची ने बताया की प्री एक्जाम की तैयारी कुछ खास नही होने के बावजूद भी रूची ने प्री परीक्षा पास की जिसके बाद चुनौती बनकर सामने आये मैन्स एवं शारीरिक परीक्षा की तैयारी में जुट गयी और आखिरकार दारोगा परीक्षा में चयनित होकर रूची ने परबत्ता सहित पूरे जिले का मान बढ़ाया।
आधा दर्जन से अधिक बने दारोगा,बधाई मिलने का सिलसिला जारी…..
जनप्रसंग(शानू/गीता): BPSSC ने दारोगा(अवर निरीक्षक), परिचारी एवं सहायक अधीक्षक (कारा) का रिजल्ट गुरुवार को धोषित कर दिया है। जिसमें दारोगा पद पर 2062 एवं सार्जेंट पद पर 215 जबकि सहायक अधीक्षक (कारा) पद पर 125 का चयन किया गया है। इनकी रिक्तियों का प्रकाशन 2019 में हुआ था।
इस परीक्षा में प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक युवाओं ने बाजी मारी है। प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत के सरपंच एवं कन्हैयाचक गांव निवासी कैलाश चौधरी के पुत्र चिन्मय कुमार एवं कन्हैयाचक गांव के ही स्व.चांद मिश्रा उर्फ चान का की पौत्री एवं स्व. प्रशांत मिश्रा की पुत्री रुचि कुमारी ने दारोगा की परीक्षा में सफलता पायी। वहीं जोरावरपुर पंचायत के महादेव शर्मा के पुत्र प्रीतम कुमार शर्मा भी दारोगा पद के लिये चयनित हूए। मालूम हो की बीते दिन प्रीतम ने बिहार पुलिस की परीक्षा में भी परचम लहराया था। वहीं पिपरालतीफ पंचायत के मड़ैया ग्राम निवासी मोहम्मद दाऊद अली के पुत्र मोहम्मद सद्दाम हुसैन भी बिहार एसआई दरोगा पद पर चयनित हुए। ऊधर माधवपुर गांव निवासी ललन मिश्रा के पुत्र बिट्टू कुमार एवं भरसो निवासी मनोज चौधरी की पुत्री साध्वी का भी चयन दरोगा परीक्षा में हुआ है।
मालूम हो की मेरिट लिस्ट के आधार पर अंतिम रूप से 2062 का चयन किया गया। इनमें सामान्य वर्ग के 524 पुरुष एवं 288 महिला, ईडब्लूएस में 136 पुरुष एवं 62 महिला, बीसी श्रेणी में 154 पुरुष एवं 82 महिला तथा ईबीसी में 233 पुरुष एवं 129 महिला का चयन अंतिम रूप से किया गया। वहीं एससी में 206 पुरुष एवं 124 महिला, एसटी में 14 पुरुष एवं सात महिलाएं चयनित की गईं। कुल मिलाकर 1307 पुरुष एवं 755 महिला अभ्यर्थियों का चयन दारोगा पद के लिए किया गया है।
जनप्रसंग(शानू आनंद/गीता कुमार): हिंदू धर्म में अमर सुहाग का प्रतीक एवं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए मनाये जाने वाले वट सावित्री व्रत को लेकर महिलाओं की भीड़ मंदिरों एवं वट वृक्ष के नीचे देखी गई ,ज्येष्ठ मास की कृष्ण अमावस्या के दिन हर्षोउल्लास से मनाए जाने वाले यह पर्व विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण के कारण कुछ जगहों पर सादगी के साथ मनाया गया। गुरुवार के सुबह से महिलाओं में एक अलग ही उल्लास देखी गयी। इस पर्व को लेकर महिलाएं सोलह श्रिंगार कर रंग बिरंगी फूलों से सजी डालियां लेकर अहले सुबह से विभिन्न मंदिरों और बट वृक्ष के नीचे पहुंचकर पुरे आस्था, श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा अर्चना करते दिखीं।
अपने पति की लंबी आयु के लिए वट वृक्ष के नीचे पहुंचकर उनका पूजन करती है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि वटवृक्ष मैं सभी देवताओं का वास होता है, और इस वृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने कठोर तपस्या के बल पर मृत पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लेकर उन्हें जीवित कर दिया था,और यह वृक्ष सुहागिन महिलाओं के सुहाग की रक्षा करती है।शास्त्रों की मानें तो वट वृक्ष में ब्रह्मा,विष्णु और महेश तीनों का वास होता है। बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर पुजन करने एवं व्रत कथा सुनने से मनोवांछित फ़ल की प्राप्ति होती है। वट वृक्ष अपनी और पति की लंबी आयु के लिये भी जाना जाता है। इसलिए इसे अक्षयवट भी कहा जाता है।
नवविवाहिताओं में दिखा भारी उत्साह
नवविवाहिताओं में इस पर्व को लेकर काफी उत्साह देखा गया।नवविवाहिताओं के द्वारा पहली बार पुजन को लेकर विधिवत पूजा-अर्चना की गयी। ससुराल की ओर से प्राप्त वस्त्र,पुजन सामग्री आदि का उपयोग किया गया। महिलाओं ने एक दुसरे को सुहाग दिया तथा अपने पति से आशीर्वाद प्राप्त कर वट सावित्री व्रत संपन्न किया।
जानिये वट सावित्री व्रत को लेकर महिलाओं ने क्या कुछ कहा
किरण देवी,मुखिया(पिपरालतीफ पंचायत)
1. सुहागिनों ने वट सावित्री का व्रत रखकर पूजन और अर्चन किया। इस वर्ष भी शहर से लेकर देहात तक वट सावित्री का पूजन किया गया लेकिन इस वर्ष लाॅकडाउन का पालन करते हुए घर पर ही पूजन किया गया। -किरण देवी, मुखिया (पिपरालतीफ पंचायत)
2. यह पर्व हर परिस्थिति में अपने जीवनसाथी का साथ देने का संदेश देता है। इससे ज्ञात होता है कि पतिव्रता स्त्री में इतनी ताकत होती है कि वह यमराज से भी अपने पति के प्राण वापस ला सकती है। – मीना देवी, भावी मुखिया प्रत्याशी (कुल्हड़िया पंचायत)
प्रो. सुहेली मेहता, जदयू प्रवक्ता
3. यह पर्व सास-ससुर की सेवा और पत्नी धर्म की सीख भी इस पर्व से मिलती है। मान्यता है कि इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और उन्नति और संतान प्राप्ति के लिये यह व्रत रखती हैं। -प्रो.सुहेली मेहता, जदयू प्रवक्ता
ममता देवी,जोरावरपुर पंचायत
4. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही यह पर्व संतान के सुख के लिए भी किया जाता है। मान्यता है कि इससे संतान के उज्जवल भविष्य की संभावना बढ़ती है। -ममता देवी, जोरावरपुर पंचायत
डॉ.पुष्पा कुमारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ
5. सुहागिन महिलाएं अपने पति के दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती है, इस व्रत को लेकर महिलाओं में काफी उल्लास रहता है।हमने भी अपने पति के दीर्घायु के लिये इस व्रत को किया। – डॉ.पुष्पा कुमारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ
हेमा देवी,मुखिया(खीराडीह पंचायत)
6. इस दिन मुख्य रूप से महिलाओं के द्वारा बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। लेकिन वर्तमान में चल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए वट वक्ष तक महिलाओं का एक साथ जाना मुमकिन नहीं हो पाया,ऐसे में महिलाएं घरों में बरगद के पेड़ की एक टहनी लाकर उसकी पूजा भी कर सकतीं हैं। – हेमा देवी, मुखिया (खीराडीह पंचायत)
शीला देवी, मुखिया( देवरी पंचायत)
7. पति की लंबी उम्र को लेकर महिलाएं वट सावित्री वर्त का पुजन करती है,इस पर्व को करने से पति की उम्र लंबी होती है और मनोवांछित फ़ल की प्राप्ति होती है। – शीला देवी, मुखिया (देवरी पंचायत)
BPSC की परीक्षा पास कर जिले के दर्जनों से अधिक युवाओं ने बढ़ाया जिले का मान
खगड़िया(शानू/गीता): बिहार लोक सेवा आयोग की 64 वीं संयुक्त परीक्षा का रविवार को परीक्षाफ़ल घोषित कर दिया गया।जिनमें खगड़िया के बेटे-बेटियों ने भी परचम लहराया। इधर खगड़िया की बेटी, गोगरी प्रखंड अंतर्गत बटेरा निवासी गंगाधार यादव की पुत्री आर्या राज के बीपीएससी की परीक्षा में 11वां स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया। वहीं गोगरी से मुनीलाल दास एवं अर्चना आर्य के पुत्र सुमित कुमार आर्य ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 390 रैंक लाकर डीएसपी के लिए अंतिम रूप से चयनित हूए।
इधर जिले के खगड़िया प्रखंड के रानी सकारपुरा ग्राम के समर्पण जी एस सर सचिदानंद कुमार ने 64 बीपीएससी में प्रोबेशन ऑफिसर के पद पर चयनित हुए। भरसो पंचायत अंतर्गत सलारपुर निवासी आंगनवाड़ी सेविका इंदु कुमारी एवं विनय कुमार सिंह उर्फ वासुदेव सिंह के पुत्र अविनाश कुमार ने बीपीएससी की परीक्षा में बाजी मारी है,मालूम हो की अविनाश के बड़े भाई ने पुर्व में ही BPSC की परीक्षा पास की थी।
दूसरी ओर मानसी प्रखण्ड के चकहुसैनी गाँव निवासी स्व. ललन प्रसाद सिंह के द्वितीय सुपुत्र कुन्दन कुमार सिंह ने एक बार फिर BPSC की परीक्षा मे 108 वां रैंक लाकर BDO पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया। मालूम हो कि बचपन से मेधावी कुन्दन गत वर्ष UPPSC की परीक्षा मे 44 वी रैंक के साथ DSP पोस्ट पर चयनित हुए थे और अभी वर्तमान मे उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी मुरादाबाद मे DSP की ट्रैनिंग कर रहे हैं ।
जबकि जिले के परबत्ता प्रखंड के कुल्हडिया ग्राम निवासी स्व. लक्ष्मण तिवारी के पुत्र गोपाल कुमार निवासी BPSC की परीक्षा में बाजी मारकर रेवेन्यू ऑफिसर के पद पर चयनित हूए। वहीं परबत्ता प्रखंड के सतीशनगर गांव निवासी मत्स्य जीवी सहयोग समिति परबत्ता के मंत्री प्रभु दयाल सहनी के पुत्र मनीष कुमार ने बीपीएससी की परीक्षा में परचम लहराया।
बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा परिणाम में चौढली गांव की व्यवसायी विनोद भगत की पुत्रवधू एवं आनंद भारती साप्टवेयर इंजीनियरिंग की पत्नी नीलिमा राय ने बीसी कोटेगरी 268 रैक लाकर बनी रेवेन्यू अधिकारी। महेशखूंट राजधाम ग्राम की रहने वाली प्रीति कुमारी का 64 वीं BPSC में बिहार राजस्व सेवा में चयनित हूए। चौथम प्रखंड के पूर्वी बोरने पंचायत के बोरने स्थान निवासी भुपेंद्र कुमार सिंह की पुत्री दिव्या गौतम ने भी बिहार लोक सेवा की परीक्षा में बाज़ी मार जिले का नाम रौशन किया।
खगड़िया जिलाधिकारी के समक्ष सदर अस्पताल के लिए दिया ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर
खगड़िया(शानू/गीता): परबत्ता विधायक डॉक्टर संजीव कुमार के द्वारा जिले को एक और सौगात दी गयी। उन्होनें खगड़िया सदर अस्पताल हेतू तीन 10 एलटीएस प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर खगड़िया जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष को सुपुर्द किया। साथ ही उन्होंने डीएम से जिले में कोरोना के वर्तमान स्थिति के बारे में जानकरी ली तथा अब तक 8 वेंटिलेटर अस्पताल में पडे हैं उसपे भी गम्भीरता से सवाल उठाया।
सदर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन पाइपलाइन भी नहीं लगा हैं और अब तक ICU भी नहीं चालू हो पाया हैं। इसपर चिंता जाहिर की वहीं ट्रेनिंग को लेकर भी विशेष दिशा निर्देश भी दिए।वहीं विधायक डॉक्टर संजीव ने कहां कि बिहार कोरोना की लड़ाई से जीत रहा है लगातार संक्रमितों की संख्या घट रही है संक्रमित लोग अधिक संख्या में ठीक होकर लोग घर लौट रहे है। वैक्सीनेशन की संख्या लगातार बढ़ रही है।सभी स्तरों पर वैक्सीनेशन कार्य हो रहा है कोरोना योद्धा अपनी जिम्मेदारियों को वखूबी निभा रहे है।
हमलोगो को कोरोना से लड़ाई जितनी है सभी से अनुरोध है कि मास्क को जरूर पहनें और बहुत ही जरूरी कार्य होने पर ही आप घर से बाहर निकले। हमें करोना की अगली वेव के लिए पहले से पूर्णतः तैयार रहना हैं।विदिद हो कि पूर्व में भी डॉक्टर संजीव के द्वारा खगड़िया सदर अस्पताल में वेंटिलेटर मशीन दिया गया था वही करोना योद्धाओं के लिए मास्क और सेनिटाइजर दिया था।
पंचायत के मुखिया सहित कई लोगों ने व्यक्त की शोक-संवेदना
परबत्ता(शानू/गीता): प्रखंड अंतर्गत पिपरा लतीफ पंचायत के वार्ड संख्या 14 निवासी वयोवृद्ध समाजसेवी व्यक्ति अचलदेव मुनि का निधन हो गया। वो काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रामविलाश शर्मा ने बताया की अचलदेव मुनी एक मिलनसार एवं समाज के अच्छे व्यक्ति में गिने जाते उनके निधन से ग्राम पंचायत राज पिपरा लतीफ को अपूरणीय छति हुई है।
वहीं उनके पार्थिव शरीर पर मुखिया प्रतिनिधि डॉ रामविलास शर्मा एवं पूर्व वार्ड सदस्य अजय मुनि ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देकर शोकाकुल परिवार को इस दुख भरी घड़ी में ढाढस बढ़ाया।
उनके निधन पर कई लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की जिनमें जिप उपाध्यक्ष मोहम्मद गयासुद्दीन, पंचायत के मुखिया श्रीमती किरण देवी, सरपंच राधा देवी, पंचायत समिति सदस्य शकुंतला देवी,वार्ड संख्या 14 के सदस्य राजेश रजक ,विनोद दास वार्ड सदस्य संख्या 13, मंटू शर्मा, नित्यानंद पोद्दार, बिलो मुनी, साजन रजक, उपेन्द्र शर्मा, उपसरपंच मोहम्मद भोली, रामचंद्र रजक,कामदेव रजक , राघो मुनि ,रवींद्र शर्मा, शंभू यादव, डब्ल्यू अग्रवाल, दौलत जायसवाल,कारे अग्रवाल, महेश्वर यादव, उप मुखिया पुलिस यादव, शंभू शाह, प्रमोद अग्रवाल,नंदकिशोर पंडित, राणा रंजीत चौरसिया समेत कईयों ने दुख प्रकट किया।
वहीं दूसरी ओर देवरी पंचायत के अररिया गांव निवासी 95 वर्षीय संतमत अर्जुन यादव का शनिवार रात्रि को निधन हो गया। वो काफी लंबी बीमारी से ग्रसित चल रहे थे। वो अपने पीछे तीन पुत्र को छोड़कर चले गये। उनके निधन पर पंचायत के मुखिया शीला देवी एवं उनके प्रतिनिधि कुमार गौरव वार्ड सदस्य रीता देवी, समाजसेवी हाकिम यादव, यदुवंशी सेना के जिलाध्यक्ष सरवन यादव, समाजसेवी मुखिया प्रत्याशी कुनदन यादव, छात्र राजद के प्रखंड उपाध्यक्ष प्रवक्ता नितेश यादव, चंद्रहास कुमार, अमित कुमार, सिंपू कुमार, वार्ड सचिव कुणाल कुमार सहित दर्जनों समाजसेवियों शोक व्यक्त करते हुए कहा ईश्वर इनके मृत आत्मा को शांति को लेकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।